
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने अंदाज़ में सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोक दिया – और वो भी “चार दिन लंबा संभावित युद्ध।”
“ब्लैकमेल बंद करो वरना ब्लॉक कर देंगे!” – जयशंकर का न्यूक्लियर पलटवार
वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है – “आपके ट्रंप मित्र के दावों पर आप मौन क्यों हैं?”
परमाणु आपदा रोकने वाला ‘हीरो मोमेंट’?
ओवल ऑफिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा:
“हमने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका। मुझे लगा था कि यह एक परमाणु आपदा में बदल सकता था।”
सुनकर तो लगा जैसे अमेरिका ने कोई मार्वल फिल्म की स्क्रिप्ट लिख दी हो – सिर्फ़ कैप्टन अमेरिका की जगह कैप्टन ट्रंप थे!
“हम व्यापार नहीं कर सकते उन देशों से जो गोली चला रहे हों” – ट्रंप
ट्रंप ने व्यापार का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका ऐसे देशों से व्यापार नहीं कर सकता जो “एक-दूसरे पर गोली चला रहे हों और परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हों।”
यानि युद्ध रोकने की वजह शांति नहीं, शॉपिंग थी?
कांग्रेस की चुटकी: ‘डोनाल्ड भाई के बयान पर मौन क्यों हैं मोदी?’
जयराम रमेश ने एक्स पर तंज कसते हुए कहा:
“डोनाल्ड भाई वही रटा-रटाया स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं… और मोदी जी चुपचाप अनदेखा कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी पूछा:
“क्या ट्रंप वही कर रहे हैं जो मोदी अक्सर करते हैं – यानि झूठ बोलना? या वो 50% सच भी बोल रहे हैं?”
अब सच्चाई 50% है या 5%, ये तो दोनों नेतागण ही जानें – देश को फिलहाल सिर्फ़ बयानबाज़ी मिली है।
मोदी की चुप्पी: कूटनीति या असहजता?
ट्रंप के इस खुलेआम दावे के बावजूद पीएम मोदी की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। क्या यह रणनीतिक चुप्पी है, या फिर मुश्किल सवालों से बचाव?
जयराम रमेश जैसे विपक्षी नेताओं के लिए तो ये मौन सोने की खान है – बयान पर बयान और तंज पर तंज!
डोनाल्ड बोले, मोदी चुप, कांग्रेस बोले – सबका जवाब दो!
ट्रंप का दावा बड़ा है, कांग्रेस का सवाल तीखा है और मोदी की चुप्पी… खामोश नहीं, राजनीति की आवाज़ बन गई है।
अब देखना ये है कि अगला बयान वाशिंगटन से आएगा या दिल्ली से?
स्टील में स्टाइल: ट्रंप की 50% टैरिफ रैली और 5000$ का सपना

